नैनीताल जिले में पर्यटकों के लिए किराये पर दी जाने वाली परमिट वाली दोपहिया टैक्सियों को लेकर पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। अब इन वाहनों को पर्यटक खुद नहीं चला सकेंगे। परमिट की शर्तों के अनुसार, ऐसे वाहन के साथ निर्धारित चालक की व्यवस्था करना अनिवार्य है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत टीसी के निर्देश पर जिलेभर में यातायात नियमों और परमिट की शर्तों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान चलाया गया। अभियान की निगरानी पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात जगदीश चंद्र ने की। इसमें यातायात पुलिस, नगर गश्ती इकाई और स्थानीय थानों की पुलिस शामिल रही।
अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 258 चालान किए और 73 वाहन जब्त किए। जब्त वाहनों में 72 मोटरसाइकिल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, दोपहिया टैक्सी को पर्यटक को किराये पर देने की स्थिति में चालक उपलब्ध कराना परमिट की शर्तों का हिस्सा है।
यदि कोई पर्यटक ऐसी परमिट वाली टैक्सी मोटरसाइकिल खुद चलाता पाया जाता है तो इसे परमिट की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा। इसके बाद संबंधित वाहन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान पांच वाहन चालकों के लाइसेंस या परमिट निरस्तीकरण की कार्रवाई भी शुरू की गई। पुलिस ने मौके पर कुल 47 हजार रुपये का शमन शुल्क वसूला।
कार्रवाई के दौरान हल्द्वानी में यातायात पुलिस ने नौ वाहन जब्त किए। भीमताल-भवाली-कैंची धाम क्षेत्र में भी नौ वाहन जब्त किए गए। वहीं, हल्द्वानी नगर गश्ती इकाई ने 24 वाहनों को कब्जे में लिया।
पुलिस ने बताया कि पर्यटन सीजन के दौरान यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसका उद्देश्य यातायात नियमों और परमिट की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के साथ जिले में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।

