उत्तराखंड पुलिस की बदलेगी वर्दी और पहचान, बैज-टोपी के प्रतीक व झंडे में होगा बदलाव

उत्तराखंड पुलिस को नई पहचान देने के लिए विभाग वर्दी पर लगने वाले बैज, टोपी के प्रतीक चिह्न और पुलिस के झंडे में बदलाव की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत पुलिसकर्मियों की वर्दी पर छाती में बैज लगाया जाएगा। इसके साथ ही वर्दी और टोपी पर बने प्रतीक चिह्नों को भी नया रूप दिया जाएगा।

विभाग वर्ष 2021 में तत्कालीन पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार की ओर से शुरू किए गए पुलिस के मोनोग्राम में भी बदलाव करने की तैयारी में है। वर्तमान में पुलिसकर्मी इस मोनोग्राम को अपनी बाईं आस्तीन पर लगाते हैं। नई व्यवस्था में इसकी डिजाइन और वर्दी पर प्रतीकों की स्थिति में बदलाव हो सकता है।

वर्दी पर लगे बैज और प्रतीक चिह्न पुलिसकर्मियों की रैंक और विभागीय पहचान बताते हैं। प्रस्तावित बदलावों से उत्तराखंड पुलिस की वर्दी का स्वरूप बदलेगा, जबकि इन चिह्नों का पहचान संबंधी उद्देश्य बरकरार रहेगा।

राष्ट्रपति पुलिस कलर सम्मान से पहले तैयारी

उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर सम्मान मिलने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देहरादून में राज्य स्थापना दिवस के मुख्य समारोह के दौरान यह सम्मान प्रदान करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड स्थापना दिवस 9 नवंबर को है, जबकि पुलिस विभाग का कार्यक्रम 6 नवंबर को आयोजित किया जाना है।

सम्मान से पहले पुलिस की दृश्य पहचान में बदलाव की तैयारी की जा रही है। इसके तहत वर्दी के बैज और प्रतीक चिह्नों के साथ पुलिस के झंडे के रंगों में भी बदलाव प्रस्तावित है।

बदलाव पर चार से पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान

प्रस्तावित बदलावों से पुलिस विभाग पर करीब चार से पांच करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है। नई डिजाइन लागू होने के बाद पुलिसकर्मियों को निर्धारित स्वरूप के अनुसार नई वर्दी भी खरीदनी पड़ सकती है।

बदलाव केवल पुलिसकर्मियों की वर्दी तक सीमित नहीं रहेंगे। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के कार्यालयों में लगे पुलिस ध्वज भी बदले जा सकते हैं। इसके अलावा पुलिस विभाग की इमारतों पर प्रदर्शित झंडों के रंगों में भी संशोधन प्रस्तावित है। वर्ष 2021 में मोनोग्राम लागू होने के बाद यह उत्तराखंड पुलिस की दृश्य पहचान में एक और बड़ा बदलाव होगा। हालांकि, नए बैज, प्रतीक चिह्न और झंडे का अंतिम स्वरूप विभाग की ओर से प्रस्तावों को लागू किए जाने के बाद स्पष्ट होगा।

Saurabh Negi

Share