उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी, पंतनगर से लखनऊ-वाराणसी उड़ानों का प्रस्ताव
उत्तराखंड में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए पंतनगर से लखनऊ और वाराणसी के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इसके साथ ही पिथौरागढ़ जिले के गुंजी और उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टियों के विकास की भी योजना है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने इसकी जानकारी दी।
वर्तमान में पंतनगर से देहरादून और दिल्ली के लिए उड़ानें संचालित होती हैं। लखनऊ और वाराणसी के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने से कुमाऊं क्षेत्र के लोगों को अतिरिक्त यात्रा विकल्प मिल सकते हैं। इससे कारोबार, पर्यटन और अन्य जरूरतों के लिए यात्रा करना सुविधाजनक हो सकता है। इसके लिए पंतनगर हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे के विस्तार का प्रस्ताव भी रखा गया है।
गुंजी और चिन्यालीसौड़ पर भी ध्यान
राज्य सरकार ने केंद्र की उड़ान 2.0 योजना के तहत गुंजी और चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टियों के विकास का प्रस्ताव भी भेजा है। गुंजी पिथौरागढ़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है, जबकि चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी जिले में है। इन दोनों क्षेत्रों में फिलहाल हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित हो रही हैं।
हवाई पट्टियों का विकास होने से दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। ये क्षेत्र सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ पर्यटन की संभावनाओं के लिए भी जाने जाते हैं। प्रस्ताव का उद्देश्य राज्य में हवाई और हेलीकॉप्टर सेवाओं का विस्तार कर अधिक स्थानों को हवाई संपर्क से जोड़ना है।
केंद्र की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी योजना
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने पंतनगर से लखनऊ और वाराणसी के लिए उड़ानें शुरू करने तथा गुंजी और चिन्यालीसौड़ की हवाई पट्टियों के विकास के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया है। फिलहाल ये प्रस्ताव विचाराधीन हैं। इन्हें लागू करने के लिए संबंधित मंजूरियां और आगे की कार्रवाई जरूरी होगी।
प्रस्तावों को मंजूरी मिलने और सेवाएं शुरू होने पर कुमाऊं क्षेत्र के यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं। साथ ही, राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, प्रस्तावित उड़ानों के शुरू होने की तारीख और उनके संचालन का समय अभी घोषित नहीं किया गया है।

