उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार, वार्ता विफल होने के बाद लिया फैसला

उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार, वार्ता विफल होने के बाद लिया फैसला

उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारियों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है। निगम प्रबंधन और उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के बीच गुरुवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान काम के लिए समान वेतन, नियमितीकरण, समय पर वेतन भुगतान और संविदा व विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के भत्तों में बढ़ोतरी शामिल है।

परिवहन निगम मुख्यालय में हुई बैठक में प्रबंध निदेशक रीना जोशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद यूनियन ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी डिपो में कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराएंगे।

बैठक में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनोई, केपी सिंह और परमजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रबंधन ने सरकार के स्तर पर वार्ता की बात कही

निगम के महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने बताया कि नियमितीकरण और समान काम के लिए समान वेतन जैसी मांगें सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। प्रबंधन ने यूनियन को आश्वासन दिया था कि अगले 15 दिनों के भीतर परिवहन मंत्री या परिवहन सचिव के साथ बैठक कराने का प्रयास किया जाएगा।

महंगाई भत्ते की मांग पर प्रबंधन ने कहा कि इससे जुड़े सभी पहलुओं को रोडवेज बोर्ड के सामने रखा जाएगा। हालांकि, तत्काल समाधान नहीं निकलने के कारण यूनियन ने कार्य बहिष्कार का फैसला वापस नहीं लिया।

बस सेवाएं जारी रखने के लिए प्रबंध निदेशक के निर्देश

इस बीच, रोडवेज की प्रबंध निदेशक रीना जोशी ने सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को अपने तैनाती स्थल पर बने रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसी भी स्थिति में बस सेवाएं बाधित नहीं होने देने को कहा है।

प्रबंध निदेशक ने अपने पत्र में एक अक्टूबर को जारी आदेश का हवाला देते हुए कहा कि बिना पूर्व अनुमति के अवकाश लेने पर रोक लगाई गई थी। उन्होंने कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर रहने संबंधी यूनियन के नोटिस को निगम के निर्देशों के विपरीत बताया।

अधिकारियों को कर्मचारियों को काम जारी रखने के लिए समझाने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि कार्य बहिष्कार के कारण चालक या परिचालक सेवाएं बाधित करते हैं, अथवा उपस्थिति पंजिका में उपस्थित दर्ज कराने के बाद विरोध में शामिल होते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

प्रबंध निदेशक ने कार्यशालाओं और बस अड्डों पर बसों का संचालन रोकने या उनमें बाधा डालने के खिलाफ भी चेतावनी दी है। पत्र में 23 अक्टूबर को हुए कार्य बहिष्कार के दौरान निगम को हुए आर्थिक नुकसान का भी उल्लेख किया गया है।

कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार में शामिल होने और विवाद का समाधान नहीं निकलने पर प्रदेश में रोडवेज बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

 

Saurabh Negi

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