आदि कैलास यात्रा 8 मई से शुरू, कैंची-चितई-जागेश्वर धाम दर्शन के साथ रवाना होगा पहला दल

आदि कैलास यात्रा 8 मई से शुरू, कैंची-चितई-जागेश्वर धाम दर्शन के साथ रवाना होगा पहला दल

कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा संचालित आदि कैलास-ऊं पर्वत यात्रा 8 मई से शुरू होने जा रही है। पहला दल 8 मई को सुबह 8 बजे हल्द्वानी के लोक निर्माण विश्राम गृह तिकोनिया से रवाना होगा। यात्रा की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है और श्रद्धालुओं में इसे लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु कुमाऊं के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। पहले दिन दल कैंची धाम, चितई गोलू देवता मंदिर और जागेश्वर धाम में पूजा-अर्चना करेगा। इसके बाद जागेश्वर पर्यटक आवास गृह में भोजन कर दल पिथौरागढ़ के लिए रवाना होगा। पहले दल में कुल 20 यात्री शामिल हैं, जिनमें 13 महिलाएं हैं।

आदि कैलास यात्रा हल्द्वानी, धारचूला और टनकपुर से संचालित की जा रही है। हल्द्वानी से पहला दल 8 मई को, जबकि धारचूला और टनकपुर से 9 मई को दल रवाना होंगे। टनकपुर से यह यात्रा छह दिन की होगी। तीनों मार्गों से कुल 15-15 दल आदि कैलास और ऊं पर्वत के दर्शन के लिए जाएंगे।

यात्रा के दौरान श्रद्धालु जागेश्वर, पिथौरागढ़, धारचूला, गूंजी, बूंदी, नाभीढांग, ज्योलीकांग, चौकोड़ी, अल्मोड़ा, काठगोदाम और लोहाघाट जैसे प्रमुख पड़ावों से गुजरेंगे। साथ ही पाताल भुवनेश्वर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कराए जाएंगे, जिससे यात्रियों को क्षेत्र के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी मिलेगी।

निगम के अनुसार हल्द्वानी से प्रति यात्री शुल्क 45 हजार रुपये, धारचूला से 36 हजार रुपये और टनकपुर से 42 हजार रुपये निर्धारित किया गया है, जिन पर 5 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त लागू होगा।

वहीं, कैलास मानसरोवर यात्रा की तैयारियां भी तेज हैं। यह यात्रा 30 जून से शुरू होगी और पहला दल 4 जुलाई को टनकपुर पहुंचेगा। कुल 10 दलों में करीब 500 यात्री 22 दिन की यात्रा पर जाएंगे, जो 26 अगस्त तक चलेगी।

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निगम अधिकारियों का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस पहल से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि कुमाऊं क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

Saurabh Negi

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