गलत टीवी की डिलीवरी पर अमेजन और विक्रेता कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना, उपभोक्ता आयोग का आदेश
अल्मोड़ा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ग्राहक को गलत मॉडल का टेलीविजन भेजने के मामले में अमेजन इंडिया लिमिटेड और विक्रेता कंपनी को अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी मानते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने दोनों पक्षों को उपभोक्ता को राहत देने के भी निर्देश दिए हैं।
आयोग के आदेश के अनुसार, अमेजन और विक्रेता कंपनी को 45 दिनों के भीतर या तो उपभोक्ता की सहमति से उसके द्वारा ऑर्डर किया गया 55 इंच का टीसीएल 4के अल्ट्रा एचडी स्मार्ट क्यूएलईडी टेलीविजन उपलब्ध कराना होगा या फिर 39,990 रुपये की पूरी खरीद राशि वापस करनी होगी।
इसके अलावा आयोग ने उपभोक्ता को मानसिक उत्पीड़न के लिए 20 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है।
यह मामला अल्मोड़ा निवासी मृणाल वर्मा द्वारा दायर किया गया था। शिकायत के अनुसार, उन्होंने 12 जुलाई 2025 को अमेजन के माध्यम से 39,990 रुपये में 55 इंच का टीसीएल स्मार्ट टेलीविजन खरीदा था। 17 जुलाई को उत्पाद की डिलीवरी मिलने पर पैकेट खोलने पर उसमें ऑर्डर किए गए मॉडल के स्थान पर 43 इंच का वीडब्ल्यू टेलीविजन निकला।
शिकायतकर्ता ने कई बार ऑनलाइन माध्यम से उत्पाद बदलने या धनवापसी का अनुरोध किया, लेकिन संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल तथा सदस्य विद्या बिष्ट और सुरेश चंद्र कांडपाल की पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद अमेजन और विक्रेता कंपनी को अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी माना। आयोग ने दोनों पक्षों को 50 हजार रुपये का जुर्माना आयोग में जमा कराने का भी आदेश दिया।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो 39,990 रुपये की धनवापसी पर 26 सितंबर 2025 से भुगतान की तिथि तक 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
