कॉर्बेट में बिछड़ा दो माह का हाथी का शावक अपने झुंड से मिला, वन विभाग के रेस्क्यू अभियान को मिली सफलता

कॉर्बेट में बिछड़ा दो माह का हाथी का शावक अपने झुंड से मिला, वन विभाग के रेस्क्यू अभियान को मिली सफलता

रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के झिरना वन क्षेत्र में वन विभाग ने दो माह के हाथी के बिछड़े शावक को सफलतापूर्वक उसके झुंड से मिला दिया। तीन दिन तक चले निगरानी और रेस्क्यू अभियान के बाद शावक सुरक्षित रूप से अपने परिवार के साथ जंगल में लौट गया।

वन विभाग के अनुसार सोमवार को झिरना वन क्षेत्र में गश्त के दौरान हाथी का एक शावक अकेला मिला था। प्रारंभिक तौर पर अधिकारियों ने उसे पास के घास के मैदान में निगरानी में रखा, ताकि वहां से गुजरने वाले हाथियों का कोई झुंड उसे अपने साथ ले जाए। हालांकि, उस दिन ऐसा नहीं हो सका।

रात होने पर शावक की सुरक्षा को देखते हुए उसे नजदीकी वन चौकी में रखा गया। अधिकारियों के अनुसार अकेले शावक पर बाघ जैसे वन्यजीवों के हमले का खतरा था, इसलिए यह कदम उठाया गया।

मंगलवार को वन विभाग ने एक बार फिर शावक को हाथियों के झुंड से मिलाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद विभाग ने शावक की देखभाल जारी रखते हुए अगले अवसर का इंतजार किया।

बुधवार सुबह झिरना क्षेत्र में हाथियों का एक अन्य झुंड पहुंचा। वन कर्मियों ने सुरक्षित दूरी से शावक को छोड़ दिया। इस बार हाथियों के झुंड ने शावक को अपने साथ स्वीकार कर लिया और पूरा झुंड उसे लेकर जंगल के भीतर चला गया।

सफल अभियान के बाद वन कर्मियों ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिसके बाद पूरी रेस्क्यू टीम ने राहत की सांस ली।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि हाथियों के झुंड द्वारा शावक को अपने साथ ले जाना इस बात का संकेत है कि वह अपने मूल झुंड से ही बिछड़ गया था। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय वन कर्मियों को झुंड की निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शावक की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Saurabh Negi

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