मुख्यमंत्री धामी ने कलश वंदन महारैली को दिखाई हरी झंडी, बोले- आज भी प्रासंगिक हैं संत रविदास के विचार
रुड़की के भगवानपुर क्षेत्र स्थित चुड़ियाला गांव के सीएमडी इंटर कॉलेज में संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कलश वंदन महारैली का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री ने संत रविदास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि संत शिरोमणि रविदास के विचार और आदर्श आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। उनके संदेश समानता, सामाजिक समरसता और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना के लिए प्रेरित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक कैबिनेट मंत्री के नेतृत्व में काशी से पवित्र जल कलश में लाया गया है। उन्होंने कहा कि इन कलशों का वितरण प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों को किया जाएगा, ताकि संत रविदास की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों से अधिक से अधिक लोग जुड़ सकें।
मुख्यमंत्री ने भगवानपुर को ऐतिहासिक और पवित्र भूमि बताते हुए कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने समाज से जाति और भेदभाव की भावना समाप्त करने का आह्वान करते हुए कहा कि सामाजिक एकता और समरसता के साथ जीवन जीना ही संत रविदास को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संतों की परंपरा और उनके विचारों को सम्मान देते हुए पूरे देश में सामाजिक समरसता का संदेश आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी संत रविदास के दिखाए मार्ग पर चलते हुए विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
