बदरीनाथ धाम में फिर बढ़ी तीर्थयात्रियों की भीड़, रोज 4 से 5 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे
मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा ने फिर गति पकड़ ली है। इन दिनों रोज करीब 4 से 5 हजार श्रद्धालु बदरीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने व्यवस्थाएं बढ़ा दी हैं।
इस वर्ष अब तक 17.70 लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। दूसरे चरण की यात्रा में तेजी आने के साथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ गई हैं। मंदिर मार्ग और तप्त कुंड के पास श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही है।
ब्रह्मकपाल में पिंडदान और तर्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। बारिश के मौसम में भी बदरीनाथ यात्रा जारी रही। अब बारिश कम होने के साथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या फिर बढ़ने लगी है।
यदि इसी गति से श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा तो इस वर्ष बदरीनाथ धाम में अब तक का सबसे अधिक यात्री आगमन दर्ज हो सकता है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और उसी के अनुसार व्यवस्थाएं मजबूत की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि मंदिर समिति को इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है। समिति को अब तक करीब 40 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
नए पुल से भेजे जा रहे श्रद्धालु
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर के आसपास भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन ने पहले की आवाजाही व्यवस्था फिर लागू कर दी है। बदरीनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को नए पुल से भेजा जा रहा है, जबकि दर्शन के बाद लौटने वाले श्रद्धालुओं के लिए पुराने पुल का उपयोग कराया जा रहा है।
यात्रा के शुरुआती चरण में भी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यही एकतरफा व्यवस्था लागू की गई थी। मानसून के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या कम होने पर पुराने पुल से दोनों तरफ की आवाजाही शुरू कर दी गई थी।
अब रोजाना श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बाद प्रशासन ने सुचारु आवाजाही और भीड़ नियंत्रण के लिए पहले वाली एकतरफा व्यवस्था फिर लागू कर दी है।
