चंद्रबदनी परिसर के प्राचार्य डॉ. महंथ मौर्य सेवानिवृत्त, समारोह में दी गई विदाई
नैखरी (टिहरी गढ़वाल)। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के चंद्रबदनी परिसर, नैखरी में परिसर निदेशक एवं प्राचार्य डॉ. महंथ मौर्य की सेवानिवृत्ति पर विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया गया। परिसर परिवार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने उनके शैक्षणिक, प्रशासनिक योगदान और संस्थान के विकास में उनकी भूमिका को याद किया।
डॉ. मौर्य का जन्म 6 अक्टूबर 1961 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के देवगांव में हुआ था। उनकी सेवायात्रा वर्ष 1993 में गांधी विद्या संस्थान, राजघाट, वाराणसी में शोध अधिकारी के रूप में शुरू हुई। उन्होंने वहां वर्ष 1999 तक सेवाएं दीं। इसके बाद 17 जनवरी 2000 को राजकीय महाविद्यालय चौबट्टाखाल, पौड़ी गढ़वाल में भूगोल विषय के प्रवक्ता के रूप में उत्तराखंड में अपनी सरकारी सेवा शुरू की।
वर्ष 2012 में एसोसिएट प्रोफेसर बनने के बाद उन्होंने 24 सितंबर 2017 को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में कार्यभार संभाला। इसके बाद 17 नवंबर 2022 को राजकीय महाविद्यालय चंद्रबदनी, नैखरी के प्राचार्य का दायित्व ग्रहण किया। उनके कार्यकाल में शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और संस्थागत प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. महंथ मौर्य और प्रभारी प्राचार्य डॉ. मूलचन्द्र शुक्ल सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान परिसर के प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने डॉ. मौर्य के साथ कार्य करने के अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने उनके कार्यशैली, प्रशासनिक अनुभव और संस्थान के प्रति समर्पण की सराहना की।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. मूलचन्द्र शुक्ल ने डॉ. मौर्य को हिंदी और संस्कृत में प्रशस्ति पत्र तथा शॉल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने उनके स्वस्थ, सुखद और शांतिपूर्ण सेवानिवृत्त जीवन की कामना की। समारोह के अंत में परिसर परिवार की ओर से उन्हें प्रशस्ति पत्र, सम्मान और भेंट देकर विदाई दी गई। कार्यक्रम का संचालन अरविंद राणा और मोहित उप्रेती ने संयुक्त रूप से किया। समारोह में डॉ. मौर्य की जीवनसंगिनी परमीला देवी और उनके पुत्र प्रवीण सहित परिसर के समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

