देहरादून में आयुर्वेद और पंचकर्म पर संगोष्ठी, वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य पर हुई चर्चा

देहरादून में आयुर्वेद और पंचकर्म पर संगोष्ठी, वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य पर हुई चर्चा
देहरादून के मोहकमपुर स्थित हिमालय संजीवनी आयुर्वेद ऑर्थो-न्यूरो अस्पताल में रविवार, 18 अक्टूबर को आयुर्वेद, पंचकर्म और वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें नवोदय विद्यालय समिति और भारत सरकार के शिक्षा विभाग से जुड़े सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। संगोष्ठी में बढ़ती उम्र के साथ होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और उनके उपचार से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम का आयोजन हिमालय संजीवनी ट्रस्ट और देहरादून के हिमालयन अभ्युदय सोशल इंस्टीट्यूट ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और भगवान धन्वंतरि को पुष्प अर्पित करके की गई। अस्पताल की अध्यक्ष डॉ. प्रीति जोशी और हिमालयन अभ्युदय सोशल इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष राकेश डोभाल ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।

पंचकर्म और उम्र से जुड़ी बीमारियों पर जानकारी

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता आयुर्वेद एवं पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. दिनेश जोशी रहे। उन्होंने पंचकर्म उपचार पद्धति और वृद्धावस्था में होने वाली सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने नसों, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं में आयुर्वेद की भूमिका पर भी चर्चा की।

डॉ. जोशी ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और उम्र तथा स्वास्थ्य के अनुकूल व्यायाम से वरिष्ठ नागरिक शारीरिक रूप से सक्रिय रह सकते हैं। उन्होंने बढ़ती उम्र में मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, उपचार का विकल्प चुनने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श लेने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में एनएलआई के पूर्व निदेशक आरपी डोभाल, जयपुर मंडल के पूर्व उपायुक्त वीरेंद्र सिंह गुसाईं, पूर्व सहायक आयुक्त एससी जोशी और सुरेंद्र तिवारी तथा सहायक आयुक्त शेफाली शामिल हुए। इनके अलावा पूर्व प्रधानाचार्य जेपी बलोदी और गोपाल सिंह तोमर सहित कई अन्य अतिथियों ने भी भाग लिया। वरिष्ठ शिक्षाविद पीडी जोशी की मौजूदगी भी कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रही।

प्रतिभागियों ने वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, आयुर्वेदिक उपचार और बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूकता पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंत में डॉ. दिनेश जोशी और डॉ. प्रीति जोशी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार जताया।

आयोजकों के अनुसार, संगोष्ठी का उद्देश्य आयुर्वेद और पंचकर्म के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना तथा वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

Saurabh Negi

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