देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर तीन खतरनाक चट्टानें हटाई गईं, बाकी पर काम जारी
देहरादून: देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड रोड सेक्शन पर चिन्हित छह खतरनाक चट्टानों में से तीन को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हटा दिया है। शेष तीन चट्टानों को हटाने का कार्य अभी जारी है, जिसके चलते यातायात डायवर्जन अगले एक सप्ताह तक जारी रहने की संभावना है।
एलिवेटेड रोड का निर्माण पहाड़ी हिस्से को काटकर किया गया था। इसके बाद से मार्ग पर चट्टानें गिरने का खतरा बना हुआ था, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही थी। इसी जोखिम को खत्म करने के लिए एनएचएआई नियंत्रित तरीके से चट्टानों को हटाने का कार्य कर रहा है।
सुरक्षा कार्य के चलते पिछले करीब एक सप्ताह से एलिवेटेड रोड पर यातायात डायवर्ट किया गया है। हालांकि आम लोगों की परेशानी कम करने के लिए दोपहिया वाहनों को मार्ग के कुछ हिस्सों से गुजरने की अनुमति दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार चट्टान हटाने का कार्य पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रहा है। एनएचएआई ने मानसून शुरू होने से पहले पूरा कार्य खत्म करने की योजना बनाई थी, लेकिन तय समय सीमा में काम पूरा नहीं हो सका। अब बारिश शुरू होने के बाद कार्य और चुनौतीपूर्ण हो गया है।
एनएचएआई परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने बताया कि बची हुई तीन खतरनाक चट्टानों को अगले एक सप्ताह में हटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद एलिवेटेड रोड को सभी वाहनों के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। प्राधिकरण ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन योजना का पालन करें और सुरक्षा कार्य पूरा होने तक प्रशासन का सहयोग करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान भू-सुरक्षा और ढलानों की मजबूती पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। मानसून के दौरान चट्टान गिरने की घटनाएं बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं, इसलिए समय पर सुरक्षा कार्य पूरा करना अहम माना जा रहा है।
