विश्व सर्प दिवस पर देहरादून जीव-जंतु (Zoo) उद्यान में वन विभाग और पहाड़ी पेडलर्स ने चलाया साँपों पर जागरूकता अभियान
विश्व सर्प दिवस के अवसर पर रविवार को देहरादून में वन विभाग और पहाड़ी पेडलर्स के संयुक्त तत्वावधान में देहरादून प्राणी उद्यान में वन्यजीव जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को सर्प संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
अभियान के तहत साइकिल टूर घंटाघर से शुरू होकर देहरादून प्राणी उद्यान पहुंची। यहां प्रतिभागियों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सर्प विशेषज्ञ प्रवेश कुमार ने क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न सर्पों की जानकारी दी। उन्होंने सर्पों से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए बताया कि अधिकांश सर्प विषैले नहीं होते और मनुष्यों के लिए खतरा नहीं बनते। उन्होंने लोगों से सर्प दिखाई देने पर उन्हें नुकसान न पहुंचाने तथा वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प बचाव दल से संपर्क करने की अपील की।
वन विभाग के अधिकारियों ने प्राणी उद्यान में विभिन्न वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, खान-पान, व्यवहार और पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका की जानकारी भी दी। अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीव पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके संरक्षण के लिए जनभागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम में शामिल युवा प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से वन्यजीवों और जैव विविधता से जुड़े प्रश्न पूछे तथा संरक्षण गतिविधियों में रुचि दिखाई। अभियान के समापन पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सभी प्रतिभागियों ने पौधे लगाकर उनकी देखभाल का संकल्प लिया।
वन क्षेत्राधिकारी दीक्षा भट्ट ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण में आमजन की भागीदारी महत्वपूर्ण है और इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लोगों को प्रकृति से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।
उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी ने कहा कि वन विभाग समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है ताकि लोगों में वन्यजीवों और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पहाड़ी पेडलर्स के प्रयासों की भी सराहना की।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहाड़ी पेडलर्स की ओर से प्रत्येक सप्ताह दून पेडल टेल्स (डीपीटी) के तहत साइकिल यात्राओं का आयोजन किया जाता है। इन अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, स्थानीय इतिहास और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाता है।
कार्यक्रम में पहाड़ी पेडलर्स के संस्थापक गजेन्द्र रमोला, सौरभ नेगी, चांदनी अरोड़ा, दीपक मित्तल, राहुल कोचगावे, प्रदीप सिंह नेगी, संजय कुमार, रेहान सिद्दीकी, देवांश, देबू थापा, सत्यम, आरव सहित कई साइकिल प्रेमियों ने भाग लिया।
