एनपीएस में कटे अंशदान को केंद्र से वापस मांगेगी सरकार, शासनादेश जारी होने का इंतजार

एनपीएस में कटे अंशदान को केंद्र से वापस मांगेगी सरकार, शासनादेश जारी होने का इंतजार

उत्तराखंड सरकार नई पेंशन योजना के उन कर्मचारियों के अंशदान को केंद्र सरकार से वापस मांगेगी जो पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने का विकल्प देंगे। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में नई पेंशन योजना लागू होने से पूर्व भर्ती विज्ञप्ति या अधिसूचना के तहत नियुक्त कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन लाभ देने का फैसला किया है। बहरहाल, नई पेंशन योजना में शामिल होने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने के लिए विकल्प मांगे जाने का इंतजार है। प्रदेश मंत्रिमंडल के फैसले के बाद वित्त विभाग जल्द इसका शासनादेश जारी करेगा। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष जीतमणी पैन्यूली के मुताबिक, वित्त विभाग के स्तर पर अभी तक की गई कसरत के तहत सभी विभागों में 6229 कर्मचारी चिन्हित हुए हैं, जिनके पास नई या पुरानी पेंशन योजना में से किसी एक का विकल्प देने का अवसर है। लेकिन यह संख्या आठ हजार से अधिक हो सकती है।

शासनादेश जारी होने के साथ वित्त विभाग केंद्र सरकार की वित्तीय नीति के अनुरूप पुरानी पेंशन में शामिल होने वाले कर्मचारियों के अंशदान लौटाए जाने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करेगा। नई पेंशन योजना में शामिल कर्मचारियों का अंशदान फंड मैनेजर नेशनल सिक्युरिटीज डिपॉजटिरी लि. (एनएसडीएल) के पास जमा होता है।

 

विभागीय स्तर पर मांगे जा सकते हैं आवेदन
शासनादेश जारी होने के बाद वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने के लिए पात्र कर्मचारियों से विकल्प देने के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। चूंकि सरकार ने केंद्र सरकार की वित्तीय नीतियों का अनुसरण करने का फैसला किया है। इसलिए सरकार इन नीतियों के तहत कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल करेगी।

ओपीएस का चमत्कार, 2790 से बढ़कर 39,000 हो गई पेंशन
पुरानी पेंशन में शामिल होने का चमत्कार हिमाचल प्रदेश में हुआ। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष जीतमणी पैन्यूली ने दावा किया कि हिमाचल सरकार में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए सरदारी लाल की नई पेंशन योजना के तहत 2790 रुपये पेंशन तय हुई। लेकिन 2022 में पुरानी पेंशन लागू होने के बाद उनकी पेंशन 39000 प्रतिमाह हो गई।

कैबिनेट के फैसले के बाद अब शासनादेश जारी होगा। केंद्र सरकार की तरह ही राज्य सरकार विकल्प देने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन में शामिल करेगी। अंशदान व अन्य प्रक्रिया के मामले में केंद्रीय वित्तीय नीति का अनुसरण किया जाएगा।
– दिलीप जावलकर, सचिव वित्त

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