पंतनगर: छठी कक्षा के छात्र ने बाएं हाथ से लिखने वाले विद्यार्थियों के लिए बनाई कुर्सी, मिला पेटेंट
पंतनगर: पंतनगर कैंपस स्कूल के छठी कक्षा के छात्र व्योम केसरवानी ने बाएं हाथ से लिखने वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विशेष कुर्सी तैयार की है। भारत सरकार से इस डिजाइन का पेटेंट मिलने के बाद व्योम की नवाचार क्षमता की सराहना की जा रही है।
व्योम ने ऐसी कुर्सी तैयार करने का विचार विकसित किया, जिसे बाएं और दाएं दोनों हाथ से लिखने वाले विद्यार्थियों के अनुसार कम समय में समायोजित किया जा सकता है। विद्यालयों में इस्तेमाल होने वाली अधिकांश लेखन कुर्सियां दाएं हाथ से लिखने वाले विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। ऐसे में बाएं हाथ से लिखने वाले बच्चों को बैठने और लिखने में असुविधा हो सकती है।
पिता से मिली प्रेरणा
व्योम को इस कुर्सी का विचार अपने पिता डॉ. अमित केसरवानी से मिला। उनके पिता स्वयं बाएं हाथ से लिखते हैं और उनके नाम पर तीन पेटेंट दर्ज हैं। पिता के काम को देखने के बाद व्योम ने बाएं हाथ से लिखने वाले विद्यार्थियों की समस्या को ध्यान में रखते हुए कुर्सी का डिजाइन तैयार किया।
डॉ. अमित केसरवानी ने डिजाइन को बेहतर बनाने और पेटेंट प्रक्रिया में व्योम का मार्गदर्शन किया। कुर्सी का नमूना तैयार हो चुका है और इसे व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
परिवार ने इस नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए विद्यालय और जिला प्रशासन से सहयोग की भी अपेक्षा की है।
पांच-छह महीने में तैयार किया डिजाइन
व्योम ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले पिता के काम को देखने के दौरान उसके मन में यह विचार आया था। इसके बाद उसने करीब पांच से छह महीने पहले इस पर व्यवस्थित रूप से काम शुरू किया।
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव, कैंपस स्कूल समिति के अध्यक्ष, प्रधानाचार्य और अन्य अतिथियों ने व्योम को सम्मानित कर उसके प्रयास की सराहना की।
पेटेंट मिलने से उत्साहित व्योम अब विद्यार्थियों की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए नए विचारों पर काम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
