पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग पर बर्फ हटाने का काम जारी, लिपुलेख में 8 से 10 फीट बर्फ

पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग पर बर्फ हटाने का काम जारी, लिपुलेख में 8 से 10 फीट बर्फ

पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बाद आदि कैलाश मार्ग को खोलने का काम जारी है। सीमा सड़क संगठन ने मार्ग पर आवाजाही बहाल करने के लिए कर्मचारियों के साथ भारी मशीनें तैनात की हैं। कुटी से ज्योलिंगकोंग के बीच कई फीट बर्फ जमा होने के कारण सड़क से बर्फ काटकर हटाई जा रही है।

कुटी और ज्योलिंगकोंग के बीच बर्फ हटाने के लिए छह भारी मशीनें लगाई गई हैं। वहीं, कैलाश मानसरोवर मार्ग पर स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। नाभीढांग से लिपुलेख के बीच करीब 12 किलोमीटर मोटर मार्ग पर 8 से 10 फीट तक बर्फ जमा है।

सीमा सड़क संगठन की आरसीसी-65 टीम शून्य से नीचे तापमान और कठिन परिस्थितियों के बीच मार्ग खोलने में जुटी है। संगठन के अनुसार लिपुलेख मार्ग से पूरी तरह बर्फ हटाकर सामान्य यातायात बहाल करने में तीन से चार दिन और लग सकते हैं। सड़क के दोनों ओर बर्फ के ऊंचे ढेर होने से वाहनों की आवाजाही मुश्किल और जोखिम भरी बनी हुई है।

भारी बर्फबारी के बावजूद आदि कैलाश जाने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। बुधवार को करीब एक हजार श्रद्धालु ज्योलिंगकोंग क्षेत्र पहुंचे और आदि कैलाश के दर्शन किए। क्षेत्र में भारी बर्फ देखकर श्रद्धालु उत्साहित नजर आए।

आदि कैलाश मंदिर और पार्वती सरोवर तक जाने वाला मार्ग खोलने में भी दो से तीन दिन और लगने की संभावना है। प्रशासन और सीमा सड़क संगठन ने श्रद्धालुओं से मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करने और बर्फीले क्षेत्र में सावधानी बरतने की अपील की है।

उच्च हिमालयी क्षेत्र में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। इसके बावजूद सीमा सड़क संगठन के कर्मचारी और अन्य श्रमिक लगातार काम कर रहे हैं। मार्ग को जल्द से जल्द आवाजाही के लिए सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस बीच आदि कैलाश और ओम पर्वत जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया भी जारी है। गुरुवार शाम तक परमिट जारी किए जाने की प्रक्रिया चल रही थी। प्रशासन ने यात्रियों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और बर्फ से ढके क्षेत्रों में अनावश्यक जोखिम न लेने को कहा है।

Saurabh Negi

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