चंद्रबदनी महाविद्यालय में देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत अभिमुखीकरण कार्यक्रम
टिहरी गढ़वाल: राजकीय महाविद्यालय चंद्रबदनी (नैखरी) में 19 अगस्त को देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय उद्यमिता अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को उद्यमिता, स्वरोजगार, नव उद्यम, व्यवसाय योजना और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार तलाशने के साथ स्वयं का उद्यम शुरू करने और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में देवभूमि उद्यमिता योजना के परियोजना अधिकारी दिग्विजय सिंह ने विद्यार्थियों को उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने व्यवसाय के अवसरों की पहचान, व्यवसाय योजना तैयार करने, नव उद्यम और स्वरोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
पिरूल उत्पादों से स्वरोजगार की जानकारी
कार्यक्रम में तौला गांव के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी मानसी ने उत्तराखंड की पारंपरिक कला और स्थानीय संसाधनों पर आधारित पिरूल से बनाए जाने वाले उपयोगी एवं सजावटी उत्पादों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का रचनात्मक और व्यावसायिक उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। विद्यार्थियों को पिरूल उत्पादों के निर्माण और विपणन की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को उद्यमिता के लिए किया प्रेरित
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेन्द्र मौर्य ने देवभूमि उद्यमिता योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से योजना के माध्यम से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी डॉ. पूजा ने कार्यक्रम के आयोजन और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में कैरियर काउंसिल के नोडल अधिकारी एस.के. भट्ट ने विद्यार्थियों को कैरियर काउंसिल की गतिविधियों और उपलब्ध कैरियर मार्गदर्शन सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कैरियर को लेकर सजग रहने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
