वन्यजीव गलियारे की सफलता के बाद अंतरराज्यीय बाघ अभयारण्य का प्रस्ताव
देहरादून में वन्यजीव गलियारे की सफलता के बाद अब वन्यजीव संरक्षण को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तराखंड ने देश का पहला अंतरराज्यीय बाघ अभयारण्य बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की भागीदारी होगी।
दिल्ली-देहरादून मार्ग पर बने 12 किलोमीटर लंबे ऊंचे वन्यजीव गलियारे से लगातार पशुओं की आवाजाही देखी जा रही है। यह गलियारा राजाजी टाइगर रिजर्व और उत्तर प्रदेश के शिवालिक वन प्रभाग के बीच से गुजरता है, जिससे वन्यजीवों को सुरक्षित मार्ग मिला है।
अधिकारियों के अनुसार अब राजाजी क्षेत्र के वन्यजीव इस गलियारे के माध्यम से हिमाचल प्रदेश और आगे कालेश्वर राष्ट्रीय उद्यान तक पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान से पांच और बाघों को राजाजी क्षेत्र में छोड़ने की योजना है, जिससे उनकी आवाजाही और क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।
इस प्रस्ताव को लेकर तीनों राज्यों के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालकों की बैठक जल्द आयोजित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में आपसी समन्वय स्थापित किया जाएगा, जिसके बाद प्रस्ताव को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा और अंत में केंद्र सरकार की मंजूरी ली जाएगी।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी स्तरों पर चर्चा के बाद ही इस महत्वाकांक्षी योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसे भी पढ़ें – फर्जी एनसीईआरटी किताब मामला राजस्थान से जुड़ा, भरतपुर कड़ी की जांच करेगी एसआईटी
यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो यह देश का पहला अंतरराज्यीय बाघ अभयारण्य होगा, जो वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है।
