उत्तराखंड में मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी, एसआईआर में गड़बड़ी मिलने पर 19 लाख मतदाताओं को भेजे जाएंगे नोटिस

उत्तराखंड में मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी, एसआईआर में गड़बड़ी मिलने पर 19 लाख मतदाताओं को भेजे जाएंगे नोटिस

देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के पहले चरण के बाद निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित कर दिया है। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि एसआईआर प्रपत्रों में विसंगतियां मिलने पर करीब 19 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे।

निर्वाचन आयोग के अनुसार सभी आपत्तियों और नोटिसों का निस्तारण 11 सितंबर तक किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई न्याय पंचायत स्तर पर होगी, ताकि अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले सभी मामलों का समयबद्ध निपटारा किया जा सके।

जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार राज्य में कुल 71,33,785 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें लगभग 37.23 लाख (52 प्रतिशत) पुरुष और 34.23 लाख (47 प्रतिशत) महिलाएं शामिल हैं।

जिलावार आंकड़ों के अनुसार हरिद्वार में सबसे अधिक 12.45 लाख, देहरादून में 11.90 लाख और ऊधम सिंह नगर में 11.55 लाख मतदाता हैं। वहीं रुद्रप्रयाग में 1.80 लाख, चंपावत में 1.88 लाख और बागेश्वर में 2,00,919 मतदाता दर्ज किए गए हैं।

निर्वाचन आयोग ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 11,733 से बढ़ाकर 12,543 कर दी गई है। सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

जिन मतदाताओं ने एसआईआर प्रपत्र जमा किए हैं, वे ईपीआईसी (मतदाता पहचान पत्र) नंबर के माध्यम से मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर अपना नाम जांच सकते हैं। इसके अलावा वे अपने बीएलओ, जिला निर्वाचन अधिकारी, एसडीएम या तहसीलदार कार्यालय में भी सूची का सत्यापन कर सकते हैं। ड्राफ्ट सूची में नाम शामिल होने का अर्थ है कि मतदाता का पंजीकरण बरकरार है, हालांकि जिन मामलों में विसंगतियां पाई गई हैं, उन्हें सत्यापन के लिए नोटिस भेजे जा सकते हैं।

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं ने एसआईआर प्रपत्र जमा नहीं किए और जिन्हें बीएलओ ने ‘अनकलेक्टेबल’ चिह्नित किया है, उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। ऐसे मतदाताओं को दोबारा पंजीकरण के लिए निर्धारित घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 जमा करना होगा।

 

Saurabh Negi

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