अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले की जांच पुलिस तक पहुंची, 19 शिक्षण संस्थानों की जांच करेगी एसआईटी

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले की जांच पुलिस तक पहुंची, 19 शिक्षण संस्थानों की जांच करेगी एसआईटी

हरिद्वार में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में कथित अनियमितताओं का मामला अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। करीब 16 महीने तक चली प्रशासनिक जांच के बाद 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह मामला किसी व्यक्तिगत शिकायत से नहीं बल्कि केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के डाटा विश्लेषण के दौरान सामने आया। वर्ष 2021-22 और 2022-23 की छात्रवृत्ति प्रविष्टियों में संदिग्ध पैटर्न मिलने पर केंद्र सरकार ने 21 मार्च 2025 को उत्तराखंड सरकार को विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे।

इसके बाद 19 मई 2025 को राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को जांच कराने के निर्देश जारी किए। मामले की जांच उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) स्तर पर की गई। हरिद्वार के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर अब 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

एसआईटी यह जांच करेगी कि छात्रवृत्ति के लिए दर्शाए गए छात्र वास्तविक थे या फर्जी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि छात्रवृत्ति की धनराशि किन बैंक खातों में भेजी गई और उसका वास्तविक लाभ किसे मिला। जांच में यह भी देखा जाएगा कि कहीं ऐसे छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति तो नहीं ली गई जो संबंधित संस्थानों में अध्ययनरत ही नहीं थे।

जांच दल प्रवेश अभिलेख, उपस्थिति पंजिका और अन्य दस्तावेजों की भी जांच करेगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए किसी प्रकार के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे या नहीं। इसके अलावा वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान जारी कुल छात्रवृत्ति राशि, सरकारी धन की संभावित हानि और इस पूरे मामले में किसी बड़े नेटवर्क या अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी।

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प्राथमिकी में शामिल 19 शिक्षण संस्थानों में पांच निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, पांच पब्लिक स्कूल, दो इंटर कॉलेज, एक इंजीनियरिंग कॉलेज, एक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, एक मदरसा तथा अन्य शिक्षण संस्थान शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Saurabh Negi

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