उत्तराखंड नीट यूजी में तीन और एमबीबीएस सीटें रद्द, फर्जी प्रमाणपत्रों का आंकड़ा 19 पहुंचा
उत्तराखंड में नीट यूजी राज्य काउंसलिंग के तहत तीन और एमबीबीएस सीटों का आवंटन रद्द कर दिया गया है। अभ्यर्थियों द्वारा जमा किए गए प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी मिलने के बाद हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने यह कार्रवाई की है।
रद्द की गई तीन सीटों में दो राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार और एक राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की है। ताजा कार्रवाई के बाद प्रमाणपत्रों में अनियमितता के चलते रद्द की गई एमबीबीएस सीटों की संख्या 19 हो गई है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, राज्य काउंसलिंग के पहले और दूसरे चरण में अभ्यर्थियों की मेरिट, उनकी पसंद और मूल निवास तथा आरक्षण से जुड़े दावों के आधार पर सीटों का आवंटन किया गया था।
कुछ प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी सामने आने के बाद संबंधित जिला प्रशासन के माध्यम से दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी से मिली सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय ने तीन अभ्यर्थियों का सीट आवंटन रद्द किया है।
तीन अभ्यर्थियों का सीट आवंटन रद्द
विश्वविद्यालय के अनुसार, जुमराह अशरफ को राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार में अन्य पिछड़ा वर्ग महिला श्रेणी की सीट मिली थी। आदित्य प्रजापति को राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में अन्य पिछड़ा वर्ग महिला श्रेणी की सीट आवंटित हुई थी।
वहीं, वरुण डेढ़ा को राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार में अनारक्षित-अनाथ श्रेणी के तहत सीट मिली थी। दस्तावेजों के सत्यापन में सामने आई गड़बड़ी के बाद तीनों सीटों का आवंटन रद्द कर दिया गया।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सीट आवंटन रद्द होने के बाद संबंधित अभ्यर्थियों का इन सीटों पर कोई दावा नहीं रहेगा।
तीसरे चरण में शामिल होंगी रद्द सीटें
अधिकारियों के अनुसार, मूल निवास और आरक्षण से जुड़े प्रमाणपत्रों का सत्यापन संबंधित जिलाधिकारियों के माध्यम से जारी है। सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई जाएगी, उनकी सूची समय-समय पर काउंसलिंग पोर्टल पर जारी की जाएगी।
रद्द की गई तीनों एमबीबीएस सीटों को अब नीट यूजी राज्य काउंसलिंग के तीसरे चरण में शामिल किया जाएगा। विश्वविद्यालय अन्य मामलों में भी दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया जारी रखे हुए है। सत्यापन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
