अर्धकुंभ की तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर 8.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे
हरिद्वार – आगामी अर्धकुंभ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं को निर्बाध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड जल निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मेले क्षेत्र में अस्थायी जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने के लिए लगभग 8.5 करोड़ रुपये की योजनाएं तैयार की गई हैं।
योजना के तहत बैरागी कैंप, गौरीशंकर द्वीप, मायापुर, मनसा देवी और हर की पैड़ी सहित प्रमुख क्षेत्रों में अस्थायी पेयजल व्यवस्था स्थापित की जाएगी। इसके लिए पाइपलाइन बिछाने, स्टैंड पोस्ट लगाने, पीवीसी टैंक स्थापित करने, जल कनेक्शन देने और वाटर कूलर लगाने का कार्य किया जाएगा।
अर्धकुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संतों और पर्यटकों के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता प्रशासन के लिए प्रमुख चुनौतियों में शामिल है। स्थायी जलापूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव को देखते हुए अस्थायी ढांचे तैयार किए जा रहे हैं।
जल निगम के अनुसार बैरागी कैंप क्षेत्र में 3.67 करोड़ रुपये के कार्य कराए जाएंगे। वहीं मायापुर, मनसा देवी और हर की पैड़ी क्षेत्रों में 1.12 करोड़ रुपये की योजनाएं प्रस्तावित हैं। गौरीशंकर क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए 3.68 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मेले क्षेत्र में विभिन्न क्षमता की 10 हजार मीटर से अधिक लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा हजारों स्टैंड पोस्ट और पीवीसी टैंक स्थापित कर श्रद्धालुओं तक पेयजल की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
सार्वजनिक सुविधा और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने के लिए मेले क्षेत्र में वाटर कूलर और फायर हाइड्रेंट भी लगाए जाएंगे। जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन और रखरखाव के लिए फिटरों, जूनियर फिटरों और अन्य कर्मचारियों की टीमें तीन पालियों में तैनात रहेंगी।
इसे भो पढ़ें – जून के दूसरे सप्ताहांत में पर्यटकों से गुलजार रही मसूरी, जाम से जूझते रहे लोग
अधिकारियों ने बताया कि अर्धकुंभ समाप्त होने के बाद अस्थायी जलापूर्ति ढांचे को हटा दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं को स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पेयजल की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
