डोईवाला सीट पर 2027 से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल, भाजपा और कांग्रेस में टिकट की दौड़ तेज
देहरादून: उत्तराखंड की डोईवाला विधानसभा सीट पर 2027 चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के कई नेता अभी से क्षेत्र में सक्रिय होकर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुट गए हैं। लगातार बढ़ती राजनीतिक हलचल के बीच डोईवाला को आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की अहम सीटों में माना जा रहा है।
डोईवाला सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। वर्तमान में यहां से भाजपा विधायक बृज भूषण गैरोला प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हालांकि पार्टी के भीतर कई अन्य नेता भी क्षेत्र में जनसंपर्क बढ़ा रहे हैं, जिससे यह चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा आगामी चुनाव में मौजूदा विधायक पर भरोसा बनाए रखेगी या नया चेहरा उतारेगी।
भाजपा की ओर से विधायक बृज भूषण गैरोला, प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट, कर्नल अजय कोठियाल और जिलाध्यक्ष राजेंद्र तड़ियाल सहित कई नेता क्षेत्र में सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसके अलावा भी कई नेता संगठन और जनता के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।
राज्य गठन के बाद से डोईवाला सीट पर भाजपा का दबदबा रहा है। वर्ष 2002, 2007, 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने जीत दर्ज की। कांग्रेस को इस सीट पर केवल 2014 के उपचुनाव में सफलता मिली थी।
2002 और 2007 में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कांग्रेस के वीरेंद्र मोहन उनियाल को हराया था। वर्ष 2012 में डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने चुनाव जीता, लेकिन सांसद बनने के बाद सीट खाली करनी पड़ी। इसके बाद हुए 2014 उपचुनाव में कांग्रेस के हीरा सिंह बिष्ट ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को 6512 मतों से हराया। भाजपा ने 2017 में फिर वापसी की और त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हीरा सिंह बिष्ट को 24869 मतों से पराजित किया। 2022 में भाजपा के बृज भूषण गैरोला ने कांग्रेस उम्मीदवार गौरव चौधरी को 29021 मतों से हराया था।
कांग्रेस ने भी आगामी चुनाव को देखते हुए क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी, अश्विनी बहुगुणा और मनोज नौटियाल सहित कई नेता लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। गौरव चौधरी 2022 में कांग्रेस प्रत्याशी रहे थे, जबकि 2017 में हीरा सिंह बिष्ट ने पार्टी का प्रतिनिधित्व किया था।
राजनीतिक चर्चाओं के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत का नाम भी डोईवाला सीट के लिए सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी द्वारा जहां से भी जिम्मेदारी दी जाएगी वहां से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
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दोनों प्रमुख दलों में कई दावेदारों की सक्रियता यह संकेत दे रही है कि डोईवाला सीट पर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। स्थानीय मुद्दों, संगठनात्मक पकड़ और जनसंपर्क के आधार पर टिकट की लड़ाई आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है।
