ऊधमसिंह नगर में धर्मांतरण जांच तेज, प्रशासन ने गठित की दो समितियां
ऊधमसिंह नगर जिले में कथित धर्मांतरण के मामलों को लेकर प्रशासनिक जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। प्रारंभिक जांच में कई क्षेत्रों, विशेषकर नानकमत्ता इलाके में संगठित गतिविधियों के संकेत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने दूसरी जांच समिति भी गठित कर दी है।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने एडीएम कौस्तुभ मिश्र की अध्यक्षता में नई समिति का गठन किया है, जो गदरपुर से जसपुर तक कथित धर्मांतरण गतिविधियों की जांच करेगी। इससे पहले नानकमत्ता के नवीनगर गांव में हिंदू संगठनों और ईसाई मिशनरी समूहों के बीच विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बाद मामला चर्चा में आया था। घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे।
एडीएम प्रशासन पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में हुई प्रारंभिक जांच के दौरान अधिकारियों ने नवीनगर और आसपास के गांवों में ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों से बातचीत की। जांच में सामने आया कि कई गांवों में रविवार को नियमित रूप से प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही थीं।
अधिकारियों ने सरौंजा, सुनखरीकलां और देवीपुरा डैम पार पिलाढाई जैसे गांवों का भी दौरा किया, जहां ग्रामीणों ने इसी प्रकार की गतिविधियों की जानकारी दी। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद पहले कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए दूसरी समिति बनाई है। इस जांच दल में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एसडीएम, सीओ, निरीक्षक और स्थानीय अभिसूचना इकाई के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
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जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि प्रारंभिक जांच में शिकायतों से जुड़े कुछ तथ्यों की पुष्टि हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और दोनों समितियां पूरे मामले की विस्तृत जांच करेंगी।

