उत्तराखंड में बंजी जंपिंग के नए सुरक्षा नियम जल्द लागू, 50 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र अनिवार्य

उत्तराखंड में बंजी जंपिंग के नए सुरक्षा नियम जल्द लागू, 50 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र अनिवार्य

देहरादून – उत्तराखंड सरकार राज्य में साहसिक पर्यटन गतिविधियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अगले एक महीने के भीतर बंजी जंपिंग के नए सुरक्षा नियम लागू करने जा रही है। हाल के हादसों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है, जिससे ऋषिकेश, तपोवन और देवप्रयाग जैसे प्रमुख एडवेंचर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जा सके।

पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने देश और विदेश के एडवेंचर विशेषज्ञों तथा संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद नई गाइडलाइन तैयार की है। इन नियमों का उद्देश्य बंजी जंपिंग गतिविधियों को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है।

राज्य में हाल के दो बड़े घटनाक्रमों के बाद सुरक्षा नियमों को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हुई थी। नवंबर 2025 में शिवपुरी स्थित एक एडवेंचर पार्क में गुरुग्राम के एक पर्यटक के साथ बंजी जंपिंग के दौरान रस्सी टूटने की घटना हुई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद उपकरणों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठे थे।

हाल ही में 15 जून को भी एक पर्यटक की बंजी जंपिंग के बाद तबीयत बिगड़ गई थी। उसे पेट में तेज दर्द और सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम नहीं होने के कारण मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका। चिकित्सकों का कहना है कि बंजी जंपिंग के दौरान शरीर पर पड़ने वाला अत्यधिक दबाव और एड्रेनालिन का असर कुछ मामलों में हृदय या आंतरिक अंगों को प्रभावित कर सकता है।

नई गाइडलाइन में प्रतिभागियों की स्वास्थ्य जांच पर विशेष जोर दिया गया है। उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को बंजी जंपिंग से दूर रहने की सलाह दी जाएगी। वहीं 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य किया जाएगा।

प्रस्तावित नियमों के अनुसार ऑपरेटरों को अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले प्राकृतिक रबर से बने प्रमाणित बंजी कॉर्ड का उपयोग करना होगा। निर्धारित अवधि पूरी होने पर कॉर्ड बदलना भी जरूरी होगा।

इसके अलावा प्रतिभागियों की सुरक्षा के लिए पैरों और शरीर दोनों को कवर करने वाला डबल हार्नेस सिस्टम अनिवार्य किया जाएगा। हर जंप से पहले कम से कम दो से तीन प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा तीन स्तरीय सुरक्षा जांच भी करनी होगी।

सरकार का मानना है कि नए नियम लागू होने से साहसिक पर्यटन गतिविधियों में सुरक्षा मानक मजबूत होंगे, ऑपरेटरों की जवाबदेही बढ़ेगी और उत्तराखंड की पहचान सुरक्षित एडवेंचर पर्यटन गंतव्य के रूप में और मजबूत होगी।

Saurabh Negi

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