नई टाटा पंच खाई में गिरकर बनी आग का गोला, दो चचेरे भाइयों की जिंदा जलकर मौत

नई टाटा पंच खाई में गिरकर बनी आग का गोला, दो चचेरे भाइयों की जिंदा जलकर मौत

चंपावत – नई कार खरीदकर घर लौट रहे एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोहेघाट क्षेत्र में उनकी टाटा पंच कार गहरी खाई में गिरकर आग की चपेट में आ गई। हादसे में दो चचेरे भाइयों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक महिला और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसा शुक्रवार को मरोड़ाखान और बांतोली के बीच हुआ। अधिकारियों के अनुसार कार अनियंत्रित होकर करीब 300 से 350 मीटर गहरी खाई में गिर गई। खाई में गिरने के बाद वाहन में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

बताया गया कि परिवार ने चार जून को हल्द्वानी से नई टाटा पंच कार खरीदी थी और उसी वाहन से पिथौरागढ़ स्थित अपने घर लौट रहा था।

मृतकों की पहचान 36 वर्षीय बलदेव कुमार और 48 वर्षीय राजेंद्र कुमार के रूप में हुई है। बलदेव कुमार पिथौरागढ़ जिले के कनालीछीना क्षेत्र के बंकोड़ी गांव के निवासी थे और सीआरपीएफ में तैनात थे। वहीं राजेंद्र कुमार डीडीहाट थाना क्षेत्र के अजेरा चरमा गांव के निवासी थे और हादसे के समय वाहन चला रहे थे।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के दौरान 34 वर्षीय नीतू देवी, उनकी आठ वर्षीय बेटी अक्षिता और पांच वर्षीय बेटे आरव वाहन से बाहर जा गिरे, जिससे उनकी जान बच गई। वहीं बलदेव कुमार और राजेंद्र कुमार कार के अंदर ही फंस गए।

खाई में गिरने के तुरंत बाद कार में आग लग गई और दोनों युवक बाहर नहीं निकल सके। आग की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

स्थानीय लोगों और लोहाघाट पुलिस ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायल महिला और दोनों बच्चों को 108 एंबुलेंस की मदद से उप जिला अस्पताल लोहाघाट पहुंचाया। तीनों का उपचार जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई के बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है।

प्रारंभिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होकर खाई में गिरने की बात सामने आई है। पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।

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इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। हादसे ने एक बार फिर उत्तराखंड के पहाड़ी मार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

Saurabh Negi

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