उत्तरकाशी में 40 ट्रेकर्स का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू, 96 अभी भी फंसे

उत्तरकाशी में 40 ट्रेकर्स का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू, 96 अभी भी फंसे

उत्तरकाशी में अचानक मौसम बिगड़ने के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्र में फंसे 136 ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों को निकालने के लिए सोमवार को बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया गया। इस दौरान 40 लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित हर्षिल पहुंचाया गया। वहीं, 96 लोग अभी भी अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं।

मौसम में सुधार के बाद सोमवार सुबह करीब 9 बजे हवाई बचाव अभियान शुरू हुआ। अभियान में करीब आठ हेलीकॉप्टर लगाए गए। प्रत्येक उड़ान में चार से पांच ट्रेकर्स को उच्च हिमालयी शिविरों से हर्षिल लाया गया।

आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, उड़ान कोल दर्रे के आधार शिविर से 29 और कालिंदी ट्रेक आधार शिविर से 11 ट्रेकर्स को निकाला गया। हालांकि, दोपहर बाद मौसम फिर खराब होने के कारण हवाई बचाव अभियान रोकना पड़ा। मौसम अनुकूल रहने पर अभियान मंगलवार को दोबारा शुरू किया जाएगा।

96 ट्रेकर्स और पर्वतारोही अभी फंसे

अचानक मौसम बदलने के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्र में कुल 136 ट्रेकर्स और पर्वतारोही फंस गए थे। इनमें 89 लोग उच्च हिमालयी अभियानों पर थे, जबकि 47 लोग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रेकिंग कर रहे थे।

ट्रेकिंग दल में कालिंदी दर्रे के आधार शिविर पर 18 लोग फंसे थे, जिनमें से 11 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं, उड़ान कोल दर्रे के आधार शिविर में फंसे सभी 29 ट्रेकर्स को भी निकाल लिया गया है। इसके बाद अब 96 लोग बचाव का इंतजार कर रहे हैं।

हर्षिल बनाया गया बचाव अभियान का आधार

जिला प्रशासन ने हर्षिल को बचाव अभियान का मुख्य आधार बनाया है। यहीं पर हेलीकॉप्टर से निकाले गए लोगों को लाया जा रहा है और आगे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने मौसम अनुकूल होने पर हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने के निर्देश दिए थे। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल और गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान की टीमें भी जमीनी बचाव के लिए तैयार रखी गई हैं।

हर्षिल पहुंचकर अधिकारियों ने लिया जायजा

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य और पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय सोमवार को हर्षिल स्थित सेना के हेलीपैड पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने बचाव अभियान की स्थिति की समीक्षा की और संयुक्त टीमों से जानकारी ली।

अधिकारियों को फंसे लोगों के वर्तमान स्थान, मौसम की स्थिति तथा हवाई और जमीनी बचाव मार्गों की जानकारी दी गई। पुलिस, सेना, वायुसेना, राज्य आपदा मोचन बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें अभियान में जुटी हैं।

देहरादून से राज्य आपदा मोचन बल की 15 सदस्यीय विशेष टीम भी अभियान में शामिल है। पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के अनुसार, यह टीम क्षेत्राधिकारी संजय उप्रेती के नेतृत्व में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को फंसे सभी ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इन स्थानों पर फंसे हैं 89 पर्वतारोही

उच्च हिमालयी अभियानों में शामिल 89 पर्वतारोही अलग-अलग आधार शिविरों पर फंसे हुए हैं।

  • सुदर्शन पर्वत: तपोवन आधार शिविर में 12
  • भागीरथी द्वितीय पर्वत: रक्तवन आधार शिविर में 20
  • भागीरथी द्वितीय पर्वत: नंदनवन में 9
  • जोगिन प्रथम पर्वत: 8
  • शिवलिंग पर्वत: तपोवन आधार शिविर में 5
  • शिवलिंग पर्वत: 8
  • सतोपंथ पर्वत: वासुकी ताल आधार शिविर में 9
  • श्रीकंठ चोटी: श्रीकंठ आधार शिविर में 18

Saurabh Negi

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