उत्तराखंड में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान की शुरुआत, 45 दिन तक लगेंगे शिविर

उत्तराखंड में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान की शुरुआत, 45 दिन तक लगेंगे शिविर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड में राज्यव्यापी अभियान ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ की शुरुआत की गई है। यह 45 दिवसीय अभियान न्याय पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर सरकारी सेवाएं सीधे लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। अभियान में 23 विभाग भाग ले रहे हैं।

अभियान के तहत राजस्व, ग्रामीण विकास, कृषि, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं से संबंधित जानकारी और लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पहले ही दिन राज्य के सभी जिलों में शिविर आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सेवाओं का लाभ लिया और अपनी समस्याएं दर्ज कराईं।

पिथौरागढ़ के दौला न्याय पंचायत में आयोजित शिविर में 800 से अधिक लोग पहुंचे, जहां कई शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। चंपावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर, देहरादून, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार और चमोली जिलों में भी व्यापक सहभागिता देखी गई। इन शिविरों में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

शिविरों के दौरान प्रमाण पत्र जारी किए गए, स्वास्थ्य जांच की गई, सहायक उपकरण वितरित किए गए, कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए और स्वयं सहायता समूहों को ऋण प्रदान किया गया। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं और समान नागरिक संहिता से संबंधित पंजीकरण की सुविधा भी दी गई।

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सरकार के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, सेवाओं को सुलभ बनाना और समयबद्ध तरीके से लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। अभियान के दौरान सभी जिलों में नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जाएंगे।

Saurabh Negi

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