उत्तराखंड में मदरसा संबद्धता प्रक्रिया की होगी सख्त निगरानी, सभी जिलों को निर्देश
देहरादून में राज्य सरकार ने प्रदेशभर में संचालित मदरसों की संबद्धता प्रक्रिया की निगरानी और सख्त करने के निर्देश जारी किए हैं। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी 13 जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट भेजने को कहा है। यह व्यवस्था प्रदेश में शिक्षा प्रणाली में एकरूपता लाने और मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में करीब 400 मदरसों में कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई संचालित हो रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन मदरसों को जिला स्तर पर संबद्धता प्राप्त करनी होगी। वहीं कक्षा नौ से बारह तक संचालित संस्थानों को 30 जून 2026 तक उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेना अनिवार्य होगा।
राज्य में पिछले वर्ष लागू उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत एक जुलाई 2026 से सभी मदरसे नवगठित अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अधीन आ जाएंगे। इसके बाद उत्तराखंड मदरसा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
प्रभारी निदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि कक्षा एक से आठ तक के मदरसों को विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या आने पर संबंधित जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया जा सकेगा।
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सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत मदरसों को उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से जोड़ा जाएगा और एक समान पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। पारंपरिक शिक्षा के साथ विज्ञान, गणित और कंप्यूटर शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की नियमित समीक्षा जिलास्तर पर की जाएगी।

