उत्तराखंड में सरकारी धन के दुरुपयोग पर नेकोफ के खिलाफ कार्रवाई, दो एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू
देहरादून: उत्तराखंड सहकारिता विभाग ने सरकारी धन के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेकोफ) के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने संगठन के विरुद्ध दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही नेकोफ को देशभर में ब्लैकलिस्ट करने और सरकारी धन की वसूली की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
विभाग के अनुसार, राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के तहत टिहरी की एक सहकारी समिति के लिए स्वीकृत 71.90 लाख रुपये नेकोफ को हस्तांतरित किए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो परियोजना पूरी की गई और न ही यह राशि वापस की गई।
जांच में ई-एमसीपी योजना के तहत उत्तराखंड की नौ सहकारी संस्थाओं से जुड़े 75.82 लाख रुपये के उपयोग में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया है। विभाग का आरोप है कि इन संस्थाओं से संबंधित सरकारी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप नहीं किया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सहकारिता सचिव के निर्देश पर सहकारिता विभाग ने नेहरू कॉलोनी थाने को दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज करने के लिए औपचारिक पत्र भेजा है। विभाग का कहना है कि मामले में विस्तृत जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परियोजना निदेशक आनंद शुक्ला ने कहा कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और सहकारी संस्थाओं के हितों की अनदेखी के मामलों में विभाग की शून्य सहनशीलता की नीति है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा सरकारी धन की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
यह मामला सहकारी संस्थाओं में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और सहकारी क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर मिलेगा।
