उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में दीक्षारंभ कार्यक्रम, नवप्रवेशित विद्यार्थियों को दी गई शैक्षिक जानकारी
देहरादून में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के आदर्श अध्ययन केंद्र में शुक्रवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, परीक्षा पद्धति और सत्रीय कार्यों की जानकारी देना रहा, ताकि वे नए वातावरण में सहज हो सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे अतिथियों के आगमन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कुलगीत के बाद प्रभारी निदेशक डॉ. सुभाष रमोला ने स्वागत भाषण देते हुए विद्यार्थियों का अभिनंदन किया और उन्हें विश्वविद्यालय की प्रणाली से परिचित होने के लिए प्रेरित किया। डॉ. नरेंद्र जगुड़ी ने प्रवेश और परामर्श की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. भावना डोभाल ने परीक्षा और सत्रीय कार्यों की महत्ता समझाई।
सहायक क्षेत्रीय निदेशक गोविंद सिंह रावत ने अध्ययन केंद्रों से जुड़ी जानकारी दी। वहीं सामाजिक कार्य विभाग की प्रोफेसर नीरजा सिंह ने दूरस्थ शिक्षा के महत्व को बताते हुए विद्यार्थियों को स्वअध्ययन के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजेश कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय से आत्मीय जुड़ाव ही वास्तविक दीक्षारंभ है और उन्होंने एक प्रेरक प्रसंग के माध्यम से इसका महत्व समझाया।
द्वितीय सत्र में विशेषज्ञों ने व्यावहारिक रूप से विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इसमें प्रवेश प्रक्रिया, परामर्श सत्र, सत्रीय कार्य जमा करने के नियम और परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान किया गया।
तृतीय सत्र में विद्यार्थियों को स्वअध्ययन के लिए प्रेरित करने हेतु निशुल्क पुस्तक वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें उनकी रुचि के अनुसार पुस्तकें प्रदान की गईं।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी और विश्वविद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा। विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम को अपने शैक्षिक भविष्य के लिए उपयोगी बताया।
